नवरात्रि में भी अंधेरे में बंजारी माता का दरबार, पार्षद ने निर्माण कंपनी पर लगाए लापरवाही के आरोप

कुड़ेकेला/धरमजयगढ़। शारदीय नवरात्रि के दौरान जहां देवी मंदिरों में आकर्षक सजावट और रोशनी की व्यवस्था की गई है, वहीं रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के सिसरिंगा घाट स्थित प्रसिद्ध बंजारी माता मंदिर में बिजली और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का मामला सामने आया है। स्थानीय पार्षद जानू सिदार ने भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण कर रही कंपनी दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड पर मंदिर के जीर्णोद्धार और जरूरी सुविधाओं को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

पार्षद के मुताबिक, नवरात्रि शुरू होने के बावजूद मंदिर परिसर में रोशनी और सजावट की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। इसे लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में नाराजगी है।

नवरात्रि से पहले आंदोलन की चेतावनी देने का दावा

जानकारी के अनुसार, मंदिर के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्यों से प्रभावित संपत्तियों के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पहले भी प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी थी। मांगें पूरी नहीं होने पर नवरात्रि से पहले चक्काजाम जैसे आंदोलन की चेतावनी दिए जाने की बात भी सामने आई थी।

इसके बावजूद मंदिर में जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर मंदिर परिसर में पर्याप्त रोशनी और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होनी चाहिए।

दिलीप बिल्डकॉन पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप

स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रही दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड की ओर से मंदिर के जीर्णोद्धार और सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित हुई मंदिर की संपत्तियों के पुनर्निर्माण का आश्वासन दिया गया था।

हालांकि, पार्षद जानू सिदार का आरोप है कि अब तक जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर केवल औपचारिक काम किया जा रहा है, जबकि नवरात्रि के दौरान भी मंदिर में रोशनी की व्यवस्था नहीं हो पाना चिंता का विषय है।

कंपनी की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

पार्षद जानू सिदार ने जताई नाराजगी

पार्षद जानू सिदार ने कहा कि बंजारी माता मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में मंदिर के जीर्णोद्धार और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि कंपनी प्रबंधन ने जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो स्थानीय लोगों के साथ आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन को लेकर अगला निर्णय कंपनी प्रबंधन के साथ प्रस्तावित बातचीत के बाद लिया जाएगा।

कंपनी प्रबंधन के साथ बैठक के बाद तय होगी आगे की रणनीति

जानू सिदार के अनुसार, दिलीप बिल्डकॉन में लाइजनिंग का काम संभाल रहे अधिकारी प्रदीप सिंह ने सोमवार को इस मुद्दे पर मुलाकात करने की बात कही है। बैठक में मंदिर के जीर्णोद्धार, बिजली और रोशनी की व्यवस्था सहित अन्य मांगों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

अब कंपनी प्रबंधन की प्रतिक्रिया और बैठक में होने वाले निर्णय पर नजर रहेगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मंदिर में जल्द जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और जीर्णोद्धार से जुड़े लंबित कार्यों पर ठोस कार्रवाई होगी।

Back to top button